परिचय

संरचित प्रक्रिया, मानवीय विवेक के साथ आगे बढ़ाई गई।

अंगिरा ज्योतिष जीवित ज्योतिषीय परंपरा, सावधानीपूर्वक गणना और बिना अतिशयोक्ति निष्कर्ष समझाने की प्रतिबद्धता को साथ लाता है।

पहचान और पद्धति

अंगिरा ज्योतिष लगभग 30 वर्षों के समर्पित ज्योतिषीय अभ्यास को शास्त्रीय वैदिक परंपरा में लेकर चलता है, आधुनिक गणना कठोरता से सिद्ध। हम पीढ़ियों से चली आ रही बुद्धि को संरचित के.पी. विश्लेषण के साथ जोड़ते हैं।

हम पारंपरिक वैदिक ज्योतिष तथा दक्षिण भारतीय ज्योतिष कृष्णमूर्ति पद्धति के द्वारा आपकी मानसिक, शारीरिक तथा भौतिक समस्याओं से मुक्ति हेतु अद्वितीय ज्योतिषीय परामर्श एंव उपचार सेवा प्रदान करते हैं।

हमारी पद्धति धारणा के बजाय प्रमाण, रहस्य के बजाय पारदर्शिता, और गारंटीशुदा परिणामों के बजाय जिम्मेदार मार्गदर्शन पर जोर देती है।

हम कैसे काम करते हैं

सटीक गणितीय गणना

जन्म विवरण के आधार पर ग्रहों, नक्षत्रों और उप-नक्षत्रों की गहराई से गणितीय गणना की जाती है।

मूल कारण का विश्लेषण

समस्या के बाहरी रूप को नहीं, बल्कि कुण्डली के सूक्ष्म अध्ययन से उसकी असली जड़ को पकड़ा जाता है।

सरल और व्यावहारिक उपाय

ऐसे उपाय बताना जो आम इंसान अपनी दिनचर्या में आसानी से कर सके, न कि ऐसे जो उस पर आर्थिक बोझ बढ़ा दें।

हमारा उद्देश्य

सच्चा मार्गदर्शन

वैदिक ज्योतिष के सच्चे और सटीक ज्ञान के माध्यम से लोगों के जीवन का अंधकार दूर करना हमारा परम उद्देश्य है।

धरोहर का सम्मान

हम इस पवित्र धरोहर और परंपरा को पूरी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ाते हुए, भटके हुए लोगों को तार्किक मार्गदर्शन देना चाहते हैं।

सही दिशा

हमारा मुख्य लक्ष्य आपको आपके जीवन की वास्तविक दिशा और समस्याओं के वास्तविक कारणों से अवगत कराना है।

हमारा दृष्टिकोण

अंधविश्वास का खात्मा

समाज में ज्योतिष को लेकर फैले अंधविश्वास और डर को जड़ से खत्म करना।

भरोसेमंद साथी

अंगिरा ज्योतिष को एक ऐसा भरोसेमंद साथी बनाना, जहाँ हर व्यक्ति बिना किसी झिझक के अपनी परेशानी साझा कर सके।

राह दिखाना, डराना नहीं

हम ज्योतिष को डराने का या पैसे ऐंठने का नहीं, बल्कि सही जीवन जीने की राह दिखाने का दिव्य माध्यम मानते हैं।

हमारे मूल्य

सत्य और पारदर्शिता

जो कुंडली में है, वही स्पष्ट बताना। झूठी उम्मीदें नहीं बाँधना।

भयमुक्त मार्गदर्शन

डराकर महँगे उपाय या पूजा-पाठ नहीं बेचना। ज्योतिष डराने के लिए नहीं, राह दिखाने के लिए है।

पूर्ण गोपनीयता

आपके जीवन की हर समस्या और दी गई जानकारी हमारे पास 100% सुरक्षित और गुप्त रहती है।

निस्वार्थ सेवाभाव

व्यवसाय से पहले लोगों की भलाई और उनकी समस्याओं का सटीक समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हमारी परंपरा

अंगिरा ज्योतिष परंपरा की स्थापना पं. बी. एल. शर्मा जी ने 1998 में की थी, और अब पं. ललित शर्मा जी लगभग 15 वर्षों के समर्पित वैदिक और के.पी. ज्योतिष अभ्यास के साथ इसे आगे बढ़ा रहे हैं।

पं. ललित शर्मा - अंगिरा ज्योतिष

संचालक, अंगिरा ज्योतिष

पं. ललित शर्मा

पं. बी. एल. शर्मा और गुरुदेव के. के. तोमर के मार्गदर्शन में लगभग 15 वर्षों से वैदिक और के.पी. ज्योतिष में समर्पित अभ्यास के साथ पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। हमने लगभग पिछले तीस वर्षों में ज्योतिष में अद्वितीय ख्याति, सम्मान तथा विश्वास प्राप्त किया है। शास्त्र कहते हैं कि विद्या अर्थात ज्ञान समस्याओं से मुक्ति, भय-मुक्ति, आत्म-संतुष्टि और आत्मविश्वास की पूर्ति करता है। हम परंपरागत वैदिक ज्योतिष तथा दक्षिण भारतीय ज्योतिष कृष्णमूर्ति पद्धति के द्वारा आपकी मानसिक, शारीरिक तथा भौतिक समस्याओं से मुक्ति हेतु अद्वितीय ज्योतिषीय परामर्श एंव उपचार सेवा प्रदान करते हैं।

पं. बी. एल. शर्मा - अंगिरा ज्योतिष के संस्थापक

संस्थापक, अंगिरा ज्योतिष (1998-2026)

पं. बी. एल. शर्मा

1958-2026

पं. बी. एल. शर्मा जी का जन्म सन् 1958 में राजस्थान की पावन धरा अजमेर में हुआ। ज्योतिष की विद्या उन्हें विरासत में प्राप्त हुई थी; बचपन से ही वे अपने पूज्य पिता पं. एस. के. शर्मा जी के सानिध्य में वेदों, शास्त्रों और ज्योतिषीय रहस्यों का गहन अध्ययन करने लगे। भारतीय रेल में अपनी सेवाओं के दौरान भी उन्होंने अपनी आध्यात्मिक साधना को कभी विराम नहीं दिया। वर्ष 1998 में उन्होंने अंगिरा ज्योतिष संस्थान की नींव रखी। पिताजी ने परंपरागत वैदिक ज्योतिष के साथ-साथ कृष्णमूर्ति पद्धति में अद्वितीय महारत हासिल की। उनकी गणितीय गणनाएं इतनी सूक्ष्म और तार्किक होती थीं कि उनके द्वारा की गई भविष्यवाणियां अचूक सिद्ध होती थीं। इसके अतिरिक्त अंक ज्योतिष, लाल किताब और रत्न विज्ञान के माध्यम से उन्होंने हजारों पीड़ित मानवता का मार्गदर्शन किया। उनका जीवन सरल, सात्विक और परोपकारी रहा। उन्होंने ज्योतिष को कभी व्यवसाय नहीं समझा, बल्कि इसे लोक-कल्याण का एक पवित्र माध्यम माना।

पं. एस. के. शर्मा - अंगिरा ज्योतिष परंपरा

वरिष्ठ परिवार सदस्य

पं. एस. के. शर्मा

1925-1999

पं. एस. के. शर्मा (पूरा नाम पं. सूरज करण शर्मा) अंगिरा ज्योतिष की ज्ञान-परंपरा के मूल आधार स्तंभ थे। सन् 1925 में जन्मे पंडित जी अपने समय के अत्यंत प्रतिष्ठित और विद्वान ज्योतिषी थे, जिन्हें न केवल गणनाओं का सूक्ष्म ज्ञान था, बल्कि वे एक सिद्ध साधक भी थे। उन्होंने कठिन परिश्रम और अटूट निष्ठा से ज्योतिष विद्या के उन रहस्यों को आत्मसात किया, जो समय के साथ लुप्त हो रहे थे। उनके पास आने वाला हर व्यक्ति न केवल अपनी समस्याओं का समाधान पाता था, बल्कि उनकी सादगी और आध्यात्मिक तेज से प्रभावित होकर आत्मिक शांति भी अनुभव करता था। दादाजी का सबसे बड़ा योगदान ज्योतिष को एक संस्कार के रूप में अपनी अगली पीढ़ी को सौंपना रहा। उन्होंने अपने पुत्र पं. बी. एल. शर्मा जी को बाल्यकाल से ही इस विद्या के गूढ़ सिद्धांतों में दीक्षित किया और उन्हें निस्वार्थ जनसेवा का मार्ग दिखाया। उनके द्वारा रोपा गया वह ज्ञान का छोटा सा बीज आज अंगिरा ज्योतिष के रूप में एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। वर्ष 1999 में वे शांत हुए, परंतु उनकी शिक्षाएं, उनके आदर्श और उनकी आध्यात्मिक ऊर्जा आज भी हमारे संस्थान की नींव में रची-बसी है। दादाजी का आशीर्वाद ही हमारी असली शक्ति है।

गुरुदेव के. के. तोमर - अंगिरा ज्योतिष के मार्गदर्शक

गुरु और मार्गदर्शक

गुरुदेव के. के. तोमर

1941-2010

ब्रह्मलीन श्री के. के. तोमर का जन्म सन् 1941 में अजमेर में हुआ था। वे भावनगर (गुजरात) में भारतीय रेल्वे की सेवा में थे तथा सन् 2001 में सेवानिवृत हुए। गुजरात के प्रसिद्ध वैदिक ज्योतिष श्री दया शंकर त्रिवेदी से गत 35 वर्ष पूर्व ज्योतिष की शिक्षा ली। प्रारंभिक तौर पर उन्होंने पारंपरिक वैदिक ज्योतिष तथा जल्द ही दक्षिण भारतीय ज्योतिष विज्ञान कृष्णमूर्ति पद्धति को सीखा। इसके बाद 30 साल के कठिन अनुसंधान के बाद आपने ज्योतिष विज्ञान में समर्पित रहते हुए भारत में प्रसिद्धि पाई। उन्होंने के.पी. पद्धति को भी बढ़ावा दिया जिसमें हस्त रेखा, वास्तु, नवग्रह रत्न धारण और अंक ज्योतिष में भी कार्य किया। उनके ज्योतिष व्याख्यान विभिन्न विषयों पर पत्रिकाओं तथा समाचार-पत्रों में अक्सर छपते रहते थे। इस क्रम में उन्होंने एक पुस्तक रत्न गुड लक फॉर यू भी लिखी जिससे मध्य भारत, गुजरात, राजस्थान एवं सम्पूर्ण भारत में उनकी सलाह से लोगों का काफी उद्धार हुआ।

परंपरा रूपरेखा देती है। गणना सूक्ष्मता जांचती है। प्रमाण निष्कर्ष का मार्गदर्शन करते हैं।

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चाहे आपको जन्म कुंडली चाहिए, एक स्पष्ट प्रश्न हो, या संबंध मील का पत्थर की योजना बना रहे हों — अपनी आवश्यकता स्पष्ट करके शुरू करें।

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