के. पी. रत्न निर्धारण
परम्परागत ज्योतिष के अनुसार आजकल जन्मपत्रिका देखते ही अमुक रत्न धारण करने की तुरन्त सलाह दे दी जाती है, जो कि पूर्ण उचित नहीं है। क्योंकि ज्योतिष द्वारा रत्न धारण से सम्बन्धित शोध के अनुसार हर व्यक्ति को रत्न धारण नहीं कराया जा सकता।
यदि कुण्डली के अनुसार किसी रत्न को धारण करने की मनाही हो और जातक फिर भी उसे धारण कर ले, तो उस रत्न से सम्बन्धित ग्रह की दशा-भुक्ति-अन्तरा-सूक्ष्मावधि में हानि या लाभहीनता हो सकती है।
अतः जातक रत्न धारण करें या न करें, यदि करें तो कौन सा रत्न धारण करें — इस बारे में सही सलाह के. एस. कृष्णामूर्ति पद्धति का अनुकरण करने वाले ज्योतिषी द्वारा प्राप्त की जा सकती है।